Summer express/पलवल, पुष्कर सुंदर -:पलवल जिले के गांव अच्छेजा में मोक्षधाम को जाने वाला रास्ता अब सियासी खींचतान का केंद्र बन गया है। ग्राम पंचायत जहां लंबे समय से श्मशान घाट तक सड़क निर्माण के प्रयासों में जुटी हुई है, वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव और गुटबाजी के चलते इस विकास कार्य को बार-बार रोका जा रहा है। मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और ग्रामीणों ने सीधे तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष पर विकास कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं।
दरअसल, 8 मई को पलवल लघु सचिवालय में आयोजित दिशा समिति की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के समक्ष गांव अच्छेजा के सरपंच प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने श्मशान घाट के रास्ते का मुद्दा उठाया था। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला पर राजनीति करने और सड़क निर्माण रुकवाने के आरोप लगाए थे। इस पर जिलाध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री के सामने कहा था कि उनका इस रास्ते से कोई लेना-देना नहीं है और प्रशासन चाहे तो तुरंत निर्माण कार्य शुरू करा सकता है।बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि तय समय पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर नहीं पहुंचे और पहले की तरह इस बार भी निर्माण कार्य अधर में लटक गया। इससे गांव में नाराजगी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोग राजनीतिक संरक्षण के दम पर न केवल श्मशान घाट के रास्ते को रोक रहे हैं बल्कि पंचायत की जमीन और जोहड़ पर भी अवैध कब्जा किए हुए हैं। आरोप है कि पूर्व सरपंच ने मोक्षधाम, जोहड़ और अन्य पंचायती भूमि पर कब्जा कर रखा है और भाजपा जिलाध्यक्ष उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों को हरियाणा सरकार में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम का समर्थन प्राप्त है।गांव के सरपंच पवन और सरपंच प्रतिनिधि हरिप्रकाश ने कहा कि मोक्षधाम जैसी पवित्र जगह तक जाने वाला रास्ता राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की भेंट चढ़ गया है। उनका कहना है कि ग्रामीण केवल अंतिम संस्कार के लिए सुगम रास्ता चाहते हैं, लेकिन सत्ता पक्ष की गुटबाजी के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
गौरतलब है कि पलवल भाजपा में लंबे समय से अंदरूनी खींचतान की चर्चा होती रही है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के बीच मतभेद कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। गांव अच्छेजा का यह विवाद भी उसी राजनीतिक टकराव का नया उदाहरण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मौजूदा सरपंच केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के करीबी माने जाते हैं, जबकि दूसरा पक्ष खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के खेमे से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से अब यह मामला केवल सड़क निर्माण तक सीमित न रहकर भाजपा की अंदरूनी राजनीति का प्रतीक बन गया है।