Summer express, पंचकूला | हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी पंचकूला ने रियल एस्टेट कंपनी TDI इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित पांच वरिष्ठ अधिकारियों को तीन महीने की सिविल जेल की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई प्राधिकरण के आदेशों की लगातार अवहेलना और शिकायतकर्ता को भुगतान न करने के मामले में की गई है।
यह फैसला HRERA की सदस्य चंदर शेखर की पीठ ने वर्ष 2019 से लंबित एक एग्जीक्यूशन पिटीशन पर सुनवाई के बाद सुनाया। शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि प्राधिकरण द्वारा भुगतान के आदेश जारी होने के बावजूद कंपनी ने राशि लौटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
प्राधिकरण ने पहले 31 अक्टूबर 2025 और फिर 24 अप्रैल 2026 को कंपनी को निर्देश दिए थे कि शिकायतकर्ता को बकाया राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने आदेशों की अनदेखी जारी रखी। HRERA ने पाया कि कंपनी के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन मौजूद थे, फिर भी भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी निदेशकों ने कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न ही लगाया गया जुर्माना जमा कराया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए।
इन अधिकारियों में कंपनी के प्रबंध निदेशक कमल तनेजा, निदेशक देवकी नंदन तनेजा, रविंद्र कुमार तनेजा, रेनू तनेजा और वेद प्रकाश शामिल हैं।
HRERA ने हरियाणा जेल नियमावली 2022 के तहत निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता 10 जुलाई से पहले प्रत्येक निदेशक के लिए प्रतिदिन 100 रुपये की दर से गुजारा भत्ता जमा कराए। राशि जमा होते ही पुलिस इन सभी अधिकारियों को गिरफ्तार कर सिविल जेल भेजेगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यदि कंपनी या उसके निदेशक तय अवधि के दौरान शिकायतकर्ता की पूरी बकाया राशि चुका देते हैं तो उन्हें दीवानी कैद से राहत मिल सकती है। HRERA के इस फैसले को रियल एस्टेट सेक्टर में नियामकीय सख्ती के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।