फरीदाबाद में बिना सीटीओ चल रही इकाइयों पर होगी कार्रवाई, 31 मई अंतिम तारीख

Karuna
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Summer express, फरीदाबाद। जिले में संचालित इलेक्ट्रोप्लेटिंग, फर्निशिंग और इलेक्ट्रिक भट्ठियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी इकाइयों को 31 मई तक कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा के बाद विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और बिना सीटीओ संचालित इकाइयों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-58 स्थित स्पेशल इलेक्ट्रोप्लेटिंग जोन में करीब 275 इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत इकाइयों ने सीटीओ के लिए आवेदन कर दिया है, जबकि शेष इकाइयों की प्रक्रिया जारी है। इस जोन के संचालन और रखरखाव के लिए उद्यमियों द्वारा फरीदाबाद स्माल स्केल पोल्यूशन कंट्रोल को-ऑपरेटिव सोसायटी का गठन किया गया है।

उद्यमियों का कहना है कि सीटीओ आवेदन प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली है। इसी कारण सोसायटी ने सरकार और संबंधित विभाग को पत्र लिखकर अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। पहले हर वर्ष सीटीओ का नवीनीकरण कराना पड़ता था, लेकिन उद्योग संचालकों की मांग पर इसे पांच वर्ष के लिए मान्य कर दिया गया था।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इकाइयों को लेकर है, जो स्पेशल जोन से बाहर अनधिकृत क्षेत्रों और रिहायशी कॉलोनियों में संचालित हो रही हैं। जिले में ऐसी 3000 से अधिक इकाइयों के संचालन की जानकारी सामने आई है। इनमें मुजेसर गांव, सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र, कृष्णा कॉलोनी इंडस्ट्रियल एरिया, राजीव कॉलोनी, एसजीएम नगर, बड़खल, दयालबाग और भांखरी जैसे इलाके शामिल हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, ये अवैध इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन नहीं कर रही हैं और कई बार कार्रवाई के दौरान राजनीतिक दबाव भी सामने आता है। रीजनल ऑफिसर हरीश कुमार ने बताया कि स्पेशल जोन की इकाइयों की नियमित निगरानी की जाती है और मानकों में कमी मिलने पर तुरंत सुधार कराया जाता है। वहीं, जोन से बाहर चल रही अवैध इकाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ अभियान जारी है।

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