Summer express, वॉशिंगटन। अमेरिका और क्यूबा के बीच लंबे समय से जारी कूटनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल, उनकी पत्नी तथा तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश को क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने की दिशा में ट्रंप प्रशासन के सबसे सख्त कदमों में से एक माना जा रहा है।
प्रतिबंधों की जद में आने वाले प्रमुख नामों में क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो और उनके परिवार से जुड़े वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्यूबा सरकार की नीतियों और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच की गई है।
कास्त्रो परिवार के सदस्यों पर भी कार्रवाई
नई प्रतिबंध सूची में राउल कास्त्रो और विल्मा एस्पिन के पुत्र अलेजांद्रो कास्त्रो एस्पिन का नाम भी शामिल किया गया है। अलेजांद्रो लंबे समय तक क्यूबा के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़े रहे हैं तथा सरकार के महत्वपूर्ण सलाहकारों में उनकी गिनती होती है। इसके अलावा राउल अलेजांद्रो कास्त्रो कैलिस को भी प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है।
ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाया दबाव
यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा क्यूबा के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त करने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन पहले भी क्यूबा और उसके सहयोगियों पर आर्थिक एवं राजनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए कई कदम उठा चुका है।
संपत्तियां और बैंक खाते होंगे फ्रीज
नए प्रतिबंधों के तहत सूचीबद्ध व्यक्तियों की अमेरिका में मौजूद संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाएगा। साथ ही अमेरिकी नागरिकों और संस्थाओं को इन व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित नेताओं की वित्तीय संपत्तियां अमेरिकी बैंकिंग प्रणाली से कितनी जुड़ी हुई हैं।
आर्थिक संकट के बीच बढ़ा तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव का असर पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे क्यूबा पर पड़ सकता है। हाल के वर्षों में देश बिजली संकट, खाद्य आपूर्ति की कमी और आर्थिक दबाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में नए प्रतिबंध दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी ला सकते हैं।