Summer express/शिमला, संजू -:शिमला के अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल के दूसरे दिन मॉल रोड पर आयोजित महानाटी कार्यक्रम ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की 320 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक हिमाचली वेशभूषा में भाग लेकर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
इस वर्ष महानाटी को “एमएए” (MAA) थीम से जोड़ा गया, जिसका अर्थ है “मदर्स अगेंस्ट एब्यूज” और “मदर्स अगेंस्ट एडिक्शन”। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं ने समाज में बढ़ रही नशाखोरी, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा तथा सामाजिक असमानता के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज बुलंद की। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित महिलाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई।महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल शर्मा ने बताया कि महानाटी केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है और नशे जैसी बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक रेश्टा और धाटू पहनकर हिमाचली संस्कृति की सुंदर झलक भी पेश की। महानाटी के माध्यम से महिलाओं ने नशामुक्त, सुरक्षित और समानता आधारित समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।