Summer express, यमुनानगर। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले कथित इमीग्रेशन एजेंटों के एक गिरोह ने यमुनानगर के दो युवकों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि एजेंटों ने रोमानिया में रोजगार और वर्क वीजा का वादा किया, लेकिन बाद में दोनों युवकों को रूस भेज दिया, जहां उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही वैध वर्क परमिट। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, जामपुर निवासी जसविंद्र कुमार और अंबली गांव के विशाल विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। मार्च 2024 में उन्होंने इंटरनेट पर विदेश भेजने से संबंधित एक विज्ञापन देखा। दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर उन्हें पंजाब के डेराबस्सी स्थित एक इमीग्रेशन कार्यालय बुलाया गया, जहां एजेंटों ने उनसे मुलाकात की और रोमानिया में नौकरी तथा वर्क वीजा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
आरोप है कि एजेंटों ने प्रति व्यक्ति पांच लाख रुपये खर्च आने की बात कहकर दोनों युवकों से चरणबद्ध तरीके से करीब नौ लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर रोमानिया की एक कंपनी का ऑफर लेटर भी दिया गया और दावा किया गया कि वीजा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
कुछ समय बाद एजेंटों ने यह कहकर नया बहाना बनाया कि रोमानिया के लिए वीजा आवेदन अस्वीकार हो गया है और अब उन्हें सर्बिया भेजा जाएगा। जब सर्बिया की योजना भी सफल नहीं हुई तो युवकों को रूस भेजने का प्रस्ताव दिया गया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि रूस पहुंचने के बाद ई-वीजा को वर्क वीजा में परिवर्तित कर दिया जाएगा और अच्छी नौकरी दिलाई जाएगी।
आरोपियों ने दोनों युवकों को शारजाह, दुबई और कजाकिस्तान के अल्माटी के रास्ते रूस भेज दिया। रूस के नोवोसिबिर्स्क पहुंचने पर उन्हें पता चला कि वहां न तो कोई कंपनी उनका इंतजार कर रही है और न ही रोजगार की कोई व्यवस्था की गई है। जब उन्होंने एजेंटों से संपर्क किया तो समस्या का समाधान करने के बजाय उनसे और पैसे मांगने शुरू कर दिए गए।
पीड़ितों का आरोप है कि कई बार अतिरिक्त रकम लेने के बाद एजेंटों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। वैध वर्क वीजा न होने के कारण उन्हें स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा।
काफी प्रयासों के बाद जसविंद्र के परिवार ने धन की व्यवस्था कर उसे भारत वापस बुला लिया, जबकि विशाल अभी भी रूस में फंसा हुआ है। उसका परिवार उसे वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।