Summer express/ऊना, राकेश -:ऊना जिले में पेट्रोल पंपों पर खुले में डीजल उपलब्ध न होने से हलवाई वर्ग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शादी-विवाह के सीजन और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के चलते मिठाइयों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन डीजल की कमी के कारण कारोबारियों को ऑर्डर पूरे करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।हलवाई व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि मिठाई तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली भट्टियां मुख्य रूप से डीजल से संचालित होती हैं। पेट्रोल पंपों से खुले में डीजल नहीं मिलने के कारण उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है। कई कारोबारियों ने मजबूरी में लकड़ी आधारित भट्टियों का उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और लागत में भी वृद्धि हो रही है।
कारोबारियों के अनुसार डीजल की अनुपलब्धता का सीधा असर उनके कामकाज पर पड़ रहा है। समय पर उत्पादन नहीं हो पाने से ग्राहकों के ऑर्डर पूरे करना चुनौती बनता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में शादी समारोहों और अन्य आयोजनों के लिए मिठाइयों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।मिठाई कारोबारी संजय जोशी ने बताया कि डीजल न मिलने से भट्टियों का संचालन कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि लकड़ी से काम चलाना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त समय और मेहनत लग रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि हलवाई वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीजल उपलब्ध करवाने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि कारोबार सुचारू रूप से चल सके और ग्राहकों को समय पर सेवाएं मिल सकें।