मंडी/ धर्मवीर -:जिला मंडी के बल्ह उपमंडल स्थित रति खड्ड में जल प्रदूषण का गंभीर मामला सामने आया है। खड्ड में बड़ी संख्या में छोटी मछलियां और अन्य जलीय जीव मृत अवस्था में पाए गए हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार खड्ड के पानी का रंग अचानक काला पड़ गया है तथा पानी की गुणवत्ता में भी भारी गिरावट आई है। इसके बाद से जलीय जीवों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी से दुर्गंध आने लगी है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित पानी अथवा किसी सीवरेज लाइन के रिसाव के कारण खड्ड का पानी प्रदूषित हुआ हो सकता है।गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी रति खड्ड में इसी प्रकार का मामला सामने आया था, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र से निकले दूषित पानी को प्रदूषण का संभावित कारण माना गया था। इस बार भी घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों को मौके पर बुलाया गया।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण के स्रोत का जल्द पता लगाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि रति खड्ड के प्राकृतिक पर्यावरण, पेयजल स्रोतों और जलीय जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वही, रति पंचायत के प्रधान श्याम लाल ने बताया कि हर वर्ष खड्ड के पानी के प्रदूषित होने से जलीय जीवों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि खड्ड के आसपास स्थित प्राकृतिक जल स्रोत भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग की तीन उठाऊ पेयजल योजनाओं के स्रोत इसी क्षेत्र में स्थित हैं। यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आसपास के कई गांवों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी संकट भी उत्पन्न हो सकता है।मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्योग विभाग, मत्स्य विभाग, जल शक्ति विभाग तथा हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पानी के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए भेज दिए हैं। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रदूषण के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।