Summer express मंडी/ धर्मवीर -: चंडीगढ़-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत पंडोह के साथ लगते जागर के पास लगाया गया डंगा दो वर्षों में दो बार गिर चुका है। निर्माण कार्य पर जहां पहले से ही लोगों ने कई सवाल खड़े किए थे वहीं अब इसके दोबारा निर्माण पर भी कई सवाल उठना शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही केएमसी कंपनी द्वारा मिट्टी पर ही दोबारा से डंगा लगाया जा रहा है।
प्रभावित सूरत राम, सोनू ठाकुर और पुष्प राज ने बताया कि डंगे के निर्माण में फिर से कोताही और लापरवाही बरती जा रही है। डंगा गिरने के कारण साथ लगते करीब 10 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। यह रोजाना डर के साए में जीने को मजबूर हैं। इनका आरोप है कि शासन, प्रशासन और कंपनी प्रबंधन इनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इन्होंने निर्माण कार्य को सही ढंग से करने और प्राकृतिक जल स्त्रोतों को बहाल करने की मांग उठाई है।
स्योग जागर से नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य सौरव गुलेरिया ने बताया कि गत वर्ष यह डंगा निर्माण कार्य के दौरान ही गिर गया था और इस बार निर्माण पूरा होने के 15 दिन बाद जरा सी बारिश होने पर ही धराशाही हो गया। प्रभावितों की तरफ कंपनी प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अगर कंपनी ने समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए तो आने वाले समय में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। केएमसी कंपनी के क्वालिटी इंजीनियर विवेकानंद झा ने बताया कि डंगे के पीछे अंडरग्राउंड वाटर के कारण यह नुकसान हुआ है। एनआईटी के साथ मिलकर सारे कारणों की जांच पड़ताल की गई है और अब उन्हीं की सलाह पर गेबियन वॉल लगाई जा रही है। बरसात के दौरान यदि यह तकनीक कामयाब हो गई तो ठीक नहीं तो उसके बाद इस डंगे का नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। जहां पर लोगों के घरों को खतरा है वहां भी उचित प्रबंध किए जाएंगे।