Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। खिलाड़ियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच अंबाला छावनी स्थित वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम की बदहाल व्यवस्थाएं सवाल खड़े कर रही हैं। करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए अत्याधुनिक जिमनास्टिक हॉल का सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम पिछले 70 दिनों से बंद पड़ा है, जिसके चलते 100 से अधिक खिलाड़ी भीषण गर्मी में अभ्यास करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही स्टेडियम में खिलाड़ियों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाए गए जिमनास्टिक हॉल में 30 मार्च को एसी सिस्टम से जुड़े कॉपर पाइप चोरी हो गए थे। इसके बाद से पूरा सेंट्रल एसी सिस्टम ठप पड़ा हुआ है। गर्मी के इस मौसम में खिलाड़ी रोजाना सुबह और शाम कई घंटे अभ्यास करते हैं, लेकिन राहत के नाम पर हॉल में केवल कुछ बड़े पंखे लगाए गए हैं, जो गर्म हवा ही दे रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में अभ्यास करना बेहद कठिन हो गया है, जिसका असर उनकी फिटनेस, प्रदर्शन और तैयारी पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है।
इस संबंध में जिला खेल अधिकारी राम ने बताया कि खिलाड़ियों को तत्काल राहत देने के लिए हॉल में अतिरिक्त पंखे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एसी सिस्टम की मरम्मत के लिए मुख्यालय को पत्र भेजकर जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया गया है।
स्विमिंग खिलाड़ियों का भविष्य भी अधर में
वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम की समस्याएं केवल जिमनास्टिक हॉल तक सीमित नहीं हैं। स्टेडियम के ऑल वेदर स्विमिंग पूल का टेंडर भी अब तक नहीं हो पाया है। स्विमिंग सीजन शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पूल बंद पड़ा है, जिससे तैराकी खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला तैराकी संघ का कहना है कि पूल बंद रहने से नए खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है और उन्हें निजी स्विमिंग पूलों का सहारा लेना पड़ रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है ताकि खिलाड़ियों और आम लोगों को सुविधा मिल सके।
उधर जिला खेल अधिकारी राम का कहना है कि पहले से प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों की कोचिंग जारी है। हालांकि नए खिलाड़ियों के लिए स्टाफ की कमी है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द टेंडर पूरा होने के बाद नए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
स्टेडियम में लगातार सामने आ रही सुविधाओं की कमी और लंबित टेंडर प्रक्रियाओं ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में नाराजगी बढ़ा दी है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो इसका असर उनकी तैयारी और प्रदर्शन पर पड़ सकता है।