Summer express, मोनिका रावत , मोहाली I ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के साथ साथ ईडी ने डिफॉल्टर बिल्डरों पर शिकंजा कस दिया है। ईडी के पास 20 से अधिक डिफॉल्टर बिल्डरों की लिस्ट पहुंच गई है।
गमाडा ने भी अब सरकारी शुल्क जमा न करने वाले रियल एस्टेट प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 परियोजनाओं और कंपनियों को डिफाल्टर घोषित किया है ,इन पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी), लाइसेंस फीस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और अन्य मदों के तहत कुल 1,014.03 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है।
गमाडा की लाइसेंसिंग शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार 31 मई 2026 तक के रिकार्ड के आधार पर डिफाल्टरों की सूची तैयार की गई है। अथारिटी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन प्रमोटरों और परियोजनाओं को कोई नई मंजूरी या अन्य लाभ न दिया जाए।
पापरा कालोनियों पर 312 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया
गमाडा द्वारा जारी सूची में 13 पापरा कालोनियों के प्रमोटरों पर कुल 312.47 करोड़ रुपये बकाया दर्शाया गया है। इनमें चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के – 47.89 करोड़ रुपये, शिवालिक साइट प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के – 20.55 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के – 23.40 करोड़ रुपये, मैजेस्टिक प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के – 7.13 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ही – 127.19 करोड़ रुपये, बाजवा दामिनी डेवलपर्स के – 10.65 करोड़ रुपये, शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पाना परियोजना) के – 15.60 करोड़ रुपये, गीतू कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के – 14.79 करोड़ रुपये, राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के – 0.99 करोड़ रुपये, आरकेएम हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-111/112 के – 31.07 करोड़ रुपये, इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के (संटेक सिटी) – 11.47 करोड़ रुपये, नार्थएज डेवलपर्स एलएलपी के – 1.11 करोड़ रुपये
गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के भी– 0.57 करोड़ रुपये परियोजनाएं सूची में शामिल हैं।
मेगा प्रोजेक्ट्स पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी
मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में सात परियोजनाओं पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। इनमें सबसे अधिक देनदारी बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-1) – 209.30 करोड़ रुपये,
बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-2) – 168.61 करोड़ रुपये, सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 69.06 करोड़ रुपये, एच.पी. सिंह एवं अन्य, सेक्टर-122 – 45.78 करोड़ रुपये, जनता लैंड प्रमोटर्स, सेक्टर-82, 90 और 91 – 152.12 करोड़ रुपये, ग्लोबस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 34.53 करोड़ रुपये, प्रीत लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-86 – 22.14 करोड़ रुपये परियोजनाएं सूची में शामिल हैं।
नई मंजूरियों पर रोक
गमाडा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा न करने वाले इन प्रमोटरों को किसी भी प्रकार की आगे की मंजूरी या भुगतान नहीं दिया जाएगा।
ईडी के शिकंजे में अफसर
डिफॉल्टरों की मोटी लिस्ट सामने आने के बाद ई डी ने गमाडा के अफसरों पर भी शिकंजा कस दिया है। वर्ष 2019 के बाद जय सभी सीएलयू और इन्हें मंजूरी देने वाले अफसरों की लिस्ट भी ईडी के पास पहुंच गई है।
खरीदारों की बढ़ी चिंता
डिफाल्टर सूची जारी होने के बाद इन परियोजनाओं में निवेश कर चुके खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि कंपनियां समय पर बकाया राशि जमा नहीं करतीं तो परियोजनाओं के विकास कार्यों और भविष्य की मंजूरियों पर असर पड़ सकता है।