Summer express, राकेश , ऊना |हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्राचीन वनोड़े महादेव मंदिर एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है। पंजाब से पहुंचे एक श्रद्धालु ने दावा किया है कि मंदिर के पवित्र धूने की विभूति लगाने के बाद उसकी एक आंख की रोशनी वापस आ गई। इस घटना की चर्चा अब हिमाचल प्रदेश, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है।
जानकारी के अनुसार पंजाब निवासी एक श्रद्धालु की एक आंख की रोशनी चली गई थी। परिजनों के मुताबिक उसने कई अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज करवाया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला। इसी दौरान वह भगवान भोलेनाथ की शरण में ऊना के प्रसिद्ध वनोड़े महादेव मंदिर पहुंचा और यहां विधिवत पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु ने मंदिर परिसर में स्थित पवित्र धूने की विभूति अपनी आंख पर लगाई।
श्रद्धालु और उसके परिवार का दावा है कि इसके बाद उसकी आंख की रोशनी लौट आई। परिवार ने इसे भगवान भोलेनाथ की कृपा और चमत्कार बताया है। हालांकि इस दावे की चिकित्सकीय स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन श्रद्धालुओं के बीच इसे आस्था और विश्वास की शक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
वनोड़े महादेव मंदिर सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं। स्थानीय परंपराओं के अनुसार इस प्राचीन मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पांडवों द्वारा कराया गया था, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
मंदिर की एक विशेष पहचान यह भी है कि यहां भगवान शिव अर्धनारीश्वर स्वरूप में विराजमान हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में स्थित पवित्र धूना भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है, जिसकी विभूति को भक्त प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
श्रावण मास और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। महाशिवरात्रि मेले में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है।
धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के संगम के रूप में प्रसिद्ध वनोड़े महादेव मंदिर आज भी लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ का स्मरण करने वालों पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है।