Summer express/धर्मशाला, राहुल-:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि कुशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर केंद्र और संबंधित राज्यों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में हिमाचल प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना के शुरू होने के पांच वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी, जबकि इसके लिए राज्य को कोई वित्तीय निवेश नहीं करना पड़ेगा।
दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक प्रस्ताव के तहत हरियाणा और दिल्ली को 90:10 के अनुपात में अनुदान देने की व्यवस्था थी, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को इस लाभ से बाहर रखा गया था। प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।सुक्खू ने कहा कि परियोजना का प्रत्यक्ष प्रभाव सबसे अधिक उत्तराखंड और आंशिक रूप से हिमाचल प्रदेश पर पड़ना है, जबकि लाभ अन्य राज्यों को मिलने की योजना बनाई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस परियोजना की शुरुआत हिमाचल की भूमि से हो रही है, उसमें प्रदेश के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के तर्कों और आपत्तियों को केंद्र सरकार ने गंभीरता से सुना और अंततः हिमाचल के पक्ष को स्वीकार किया। इसके बाद यह तय किया गया कि प्रदेश को परियोजना में निवेश नहीं करना होगा, लेकिन भविष्य में इससे होने वाली आय में उसका हिस्सा सुनिश्चित रहेगा। उन्होंने इसे प्रदेश हित में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर पंचायत चुनावों को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश पंचायत प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य और नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि कांग्रेस समर्थित हैं। कांगड़ा जिले में भी कांग्रेस की मजबूत स्थिति होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के बजाय भ्रामक प्रचार पर भरोसा कर रही है।इस दौरान मुख्यमंत्री ने मनीषा मित्तल हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने तक अधिक जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री 18 जून को कांगड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के साथ कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।