Summer express, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती में किसी प्रकार की सिफारिश, भेदभाव या पक्षपात को जगह नहीं दी गई और केवल योग्यता के आधार पर ही चयन किया गया है।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कानून का राज और सुशासन स्थापित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में पुलिस कांस्टेबल के करीब 35 हजार पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें लगभग 28 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। इसके अलावा 41 हजार होमगार्ड पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में विभिन्न चरणों के माध्यम से करीब 2.15 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। सभी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई हैं और किसी भी स्तर पर सिफारिश या भेदभाव को स्वीकार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था की नींव निष्पक्ष भर्ती और प्रभावी प्रशिक्षण पर आधारित होती है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब पुलिस अधिकारी भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।
मुरादाबाद की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हिंसक भीड़ द्वारा एक डीआईजी रैंक के अधिकारी पर हमला किया गया था, जो उस समय की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।