Summer express/हमीरपुर,अरविंद-: सरकारी कार्यों में ईमानदारी और निष्पक्षता से काम करना कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है। ऐसा ही एक मामला हमीरपुर जिले के बलोह पटवार सर्कल से सामने आया है, जहां पटवारी अमित कुमार का तबादला दुर्गम क्षेत्र रिकांगपिओ में कर दिया गया है। आरोप है कि यह कार्रवाई उस रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने जिला परिषद के चमनेड वार्ड से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी रोहित शर्मा के खिलाफ लगाए गए अवैध कब्जे के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
जानकारी के अनुसार, भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोहित शर्मा ने जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनके नामांकन को यह कहते हुए रद्द कर दिया गया था कि उन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इसके बाद रोहित शर्मा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित पटवारी अमित कुमार द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई।जांच रिपोर्ट में रोहित शर्मा के खिलाफ किसी प्रकार का अवैध कब्जा साबित नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए उनका नामांकन वैध ठहराया और चुनाव लड़ने की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद रोहित शर्मा चुनाव मैदान में उतरे और भारी मतों से जीत दर्ज करने में सफल रहे।
हालांकि, इस घटनाक्रम के कुछ समय बाद 8 जून 2026 को पटवारी अमित कुमार का तबादला रिकांगपिओ के एक दुर्गम क्षेत्र में कर दिया गया। इस तबादले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक कर्मचारी ने पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन उसे इसके बदले तबादले का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर ऐसे फैसलों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।