Summer express, नई दिल्लीl 21 जून को आयोजित होने जा रही नीट-यूजी (NEET-UG) पुनर्परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पेपर लीक से मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई की जिम्मेदारी इस बार भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी गई है, जो पिछले कई दिनों से देशभर के निर्धारित जोनों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के विशेष अभियान में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, यह हाई-सिक्योरिटी ऑपरेशन 13 जून से शुरू किया गया था। मिशन के तहत वायुसेना के हेलीकॉप्टरों और मालवाहक विमानों के जरिए सीलबंद प्रश्नपत्रों को देशभर के 18 प्रमुख जोनों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की चूक या अनियमितता की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
पिछले वर्ष नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया था। मामला अदालत तक पहुंचा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायुसेना अब तक 200 से अधिक उड़ानें संचालित कर चुकी है। प्रश्नपत्रों को पहले क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुंचाया गया है, जहां से उन्हें कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधित परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायुसेना की मदद लेने का उद्देश्य प्रश्नपत्रों की समयबद्ध, सुरक्षित और गोपनीय ढंग से डिलीवरी सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी स्तर पर छेड़छाड़ या लीक की आशंका न रहे।
21 जून को होने वाली इस पुनर्परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी विवाद के संपन्न हो।