Summer express, शिमला | हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून की दस्तक सामान्य से देर से होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में ऐसी परिस्थितियां नहीं बन रही हैं, जो मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हों। ऐसे में जून का तीसरा सप्ताह समाप्त होने के बावजूद हिमाचल में मानसून पहुंचने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
पिछले वर्ष मानसून ने 20 जून को प्रदेश में प्रवेश कर लिया था, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा अभी हिमाचल प्रदेश से काफी दूर है और अगले कुछ दिनों में इसके बिहार के अधिकांश हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते हिमाचल में मानसून की एंट्री में और देरी हो सकती है।
आमतौर पर प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है, लेकिन मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए इस बार लोगों को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जारी हैं और कई क्षेत्रों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20, 21 और 22 जून तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के 10 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
वहीं 22 जून के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 23 से 26 जून के बीच मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।