Summer express, अंजुज पांचाल , गुरुग्राम। गुरुग्राम के बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर टोल हटाओ संघर्ष समिति की ओर से एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (भगत सिंह) के कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पंचायत के दौरान टोल प्लाजा को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 2 जुलाई तक बंधवाड़ी टोल बंद नहीं किया गया, तो 3 जुलाई को आंदोलनकारी स्वयं टोल बैरियर उखाड़ फेंकेंगे।
महापंचायत की अध्यक्षता पूर्व कबड्डी खिलाड़ी सतबीर पहलवान ने की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ को सौंपा गया, जिसमें बंधवाड़ी टोल को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई। पंचायत में मौजूद वक्ताओं ने आरोप लगाया कि टोल की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद यहां लोगों से लगातार टैक्स वसूला जा रहा है, जो पूरी तरह अवैध और जनविरोधी है।
किसान नेताओं और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि गुरुग्राम क्षेत्र में महज 66 किलोमीटर के दायरे में चार-चार टोल नाके बना दिए गए हैं, जिससे आम जनता, किसानों, मजदूरों और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। वक्ताओं ने इसे जनता की जेब पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को 2 जुलाई के बाद सभी टोल नाकों को बंद करना होगा।
महापंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भगत सिंह) के नेताओं ने प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आंदोलनकारी आज भी टोल हटाने की पूरी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन पंचायत के निर्णय और प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल 2 जुलाई तक का समय दिया गया है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने वादाखिलाफी की तो 3 जुलाई को संगठन के कार्यकर्ता बिना किसी पूर्व सूचना के टोल बैरियर को हटाने का आंदोलन शुरू करेंगे।
इस दौरान मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने संघर्ष समिति से बातचीत करते हुए मामले के समाधान के लिए 2 जुलाई तक का समय मांगा। पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ सुरेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर उच्च अधिकारियों तक मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया।
महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि उनका संगठन पूरी तरह अराजनीतिक है और देश के 12 राज्यों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य गरीब, मजदूर और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ना है। नेताओं ने कहा कि वे संविधान का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि जनता के अधिकारों का हनन हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
महापंचायत के दौरान टोल प्लाजा परिसर में भारी भीड़ जुटी रही और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। फिलहाल जिला प्रशासन ने 2 जुलाई तक मामले के समाधान का भरोसा दिया है, जबकि संघर्ष समिति अब सरकार के अगले कदम पर नजर बनाए हुए है।