Summer express, नूंह | नूंह जिले के नगीना क्षेत्र में संचालित चार अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये स्वास्थ्य केंद्र केवल कागजों में ही संचालित हो रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति में न तो यहां नियमित स्टाफ मौजूद है और न ही मरीजों को कोई स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।
जानकारी के अनुसार इन केंद्रों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आम लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ये केंद्र निजी भवनों में चल रहे हैं, जहां अक्सर संबंधित परिवार ही निवास करते हैं, जिससे आम मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आरोप यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन भवनों के किराए का भुगतान लगातार किया जा रहा है। फरवरी 2025 के रिकॉर्ड के अनुसार नूंह, फिरोजपुर झिरका, तावडू और पुन्हाना में स्थित इन केंद्रों का मासिक किराया हजारों से लेकर 25 हजार रुपये से अधिक तक बताया गया है, जिससे हर महीने सरकारी खजाने पर लाखों रुपये का भार पड़ रहा है।
योजना के अनुसार प्रत्येक आरोग्य मंदिर में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और सफाई कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इन केंद्रों पर कभी भी नियमित स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई और न ही इलाज की सुविधा शुरू हो सकी।
इस मामले को लेकर मरोड़ा निवासी सतीश ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि पूरे जिले में इन केंद्रों को केवल कागजों पर चलाया जा रहा है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि एक केंद्र तीन महीने पहले बंद हो चुका है, फिर भी उसका किराया जारी है।
शिकायत में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं, जिसमें एक भवन को किसी कर्मचारी की परिजन के नाम पर किराए पर लेने और लंबे समय तक भुगतान जारी रहने का मुद्दा शामिल है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया है। उप सिविल सर्जन डॉ. विशाल ने कहा कि सरकार द्वारा नई भर्ती नहीं की गई है, इसलिए कुछ स्थानों पर अस्थायी व्यवस्था के तहत अन्य अस्पतालों से डॉक्टरों को बुलाकर काम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिरोजपुर झिरका का शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर फिलहाल बंद है, जबकि जिले में तीन केंद्र संचालित हैं। विभाग ने आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।