समर्पित
Summer express,सिरसा | रोहतक की सुनारिया जेल से 26 मई को पैरोल पर बाहर आने के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सिरसा स्थित पुराने डेरे के मुख्य परिसर का व्यापक पुनर्निर्माण कराया है। अब परिसर में भव्य प्रवेश द्वार, हाथियों की प्रतिमाएं, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक विश्राम सुविधा, होटल और कैंटीन जैसी कई नई संरचनाएं विकसित की गई हैं।
पुनर्निर्मित परिसर का डेरा प्रमुख ने विधिवत उद्घाटन किया। इस मौके पर लंबे समय बाद उनकी प्रमुख अनुयायी और मुंहबोली बेटी हनीप्रीत (प्रियंका तनेजा) भी मौजूद रहीं और कार्यक्रम के दौरान हाथ जोड़कर नजर आईं। यह पहली बार था जब पैरोल अवधि के दौरान राम रहीम सार्वजनिक रूप से इस तरह किसी आयोजन में सामने आए।
जानकारी के अनुसार, पुनर्निर्माण कार्य पूरी तरह उनकी निगरानी में किया गया। परिसर को नए स्वरूप में विकसित करने के लिए कई महीनों तक निर्माण कार्य चला, जिसे सुरक्षा और गोपनीयता के चलते परदों से ढका गया था और किसी प्रकार की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं दी गई।
नए स्वरूप में परिसर में तीन बड़े प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिन पर हाथियों की प्रतिमाएं लगाई गई हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल और परिसर के भीतर कैंटीन भी विकसित की गई है। कुछ हिस्सों में अभी भी निर्माण कार्य जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इसे आंशिक रूप से खोल दिया गया है।
यह ऐतिहासिक परिसर डेरा के प्रथम गुरु शाह मस्ताना जी के समय से जुड़ा माना जाता है और बाद में शाह सतनाम जी के दौर में भी इसका महत्व बना रहा। 2017 में राम रहीम के जेल जाने के बाद यह पुराना डेरा ही अनुयायियों के लिए मुख्य केंद्र बन गया था।
उल्लेखनीय है कि 30 दिनों की पैरोल अवधि पूरी होने के बाद राम रहीम को आज रोहतक की सुनारिया जेल वापस भेजा जाएगा। वह 26 मई की सुबह पैरोल पर रिहा होकर सिरसा पहुंचे थे।
साल 2017 में सजा मिलने के बाद से डेरा प्रमुख अब तक 16 बार पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं। इस साल यह दूसरी बार था जब उन्हें पैरोल मिली थी।
जेल नियमों के अनुसार, पैरोल विशेष परिस्थितियों में दी जाने वाली अस्थायी रिहाई होती है, जबकि फरलो एक नियत अवधि की छुट्टी मानी जाती है, जिसका उद्देश्य कैदी को सामाजिक और पारिवारिक संबंधों से जोड़े रखना होता है।