Summer express,नारायणगढ़। करीब 13 महीने पहले नारायणगढ़ के गोयल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर दिनदहाड़े फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया। जिस बाजार में फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था, उसी बाजार में पुलिस ने मुख्य आरोपी वेंकट गर्ग को हथकड़ी लगाकर ले जाकर घटनास्थल और उससे जुड़े अन्य स्थानों की निशानदेही कराई। इस दौरान बाजार में मौजूद लोगों की नजरें आरोपी पर टिकी रहीं और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
चार दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे वेंकट गर्ग से सीआईए टीम लगातार पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में पुलिस उसे नारायणगढ़ के मुख्य बाजार में लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों ने वारदात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उससे पूछताछ की और घटना के पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, वेंकट गर्ग के खिलाफ अंबाला, यमुनानगर समेत विभिन्न जिलों में 28 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे पहले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) भी उसे गुरुग्राम में सामने आए फर्जी वीजा मामले में 12 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीआईए की पूछताछ पूरी होने के बाद वेंकट गर्ग की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। नारायणगढ़ थाना पुलिस उसे चर्चित हरबिलास हत्याकांड में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी और अदालत से रिमांड हासिल कर उससे इस मामले में भी विस्तृत पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि 24 मई 2025 को नारायणगढ़ के व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित गोयल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर बदमाशों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। घटना के दौरान कुल सात गोलियां चलाई गई थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी और व्यापारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। उस समय रेस्टोरेंट संचालक प्रदीप गोयल बाहर बैठकर अखबार पढ़ रहे थे और कुछ समय पहले ही अंदर गए थे। इसी दौरान पैदल आए दो बदमाशों ने रेस्टोरेंट पर फायरिंग कर दी थी, जिससे रेस्टोरेंट के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
फायरिंग की आवाज सुनकर प्रदीप गोयल की सुरक्षा में तैनात गनमैन मौके पर पहुंचा और भाग रहे हमलावरों का पीछा भी किया, लेकिन इस बीच बाइक पर पहुंचे तीसरे आरोपी ने दोनों शूटरों को साथ लेकर फरार होने में मदद की थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि हरबिलास हत्याकांड के बाद वेंकट गर्ग ने कई कारोबारियों से कथित तौर पर रंगदारी की मांग की थी। जनवरी से मई 2025 के बीच नारायणगढ़ में हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं ने व्यापारियों और आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया था।