गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
सरकार द्वारा शुरू की गई मिशन क्लीन पंजाब नामक राज्य स्तरीय सफाई अभियान डेराबसी में केवल बैनरों और उद्घाटन तक सीमित दिख रहा है। अंबाला-चंडीगढ़ मुख्य सड़क पर सब्जी मंडी के बाहर रोज सुबह कचरे के ढेर लग जाते हैं और वहां की स्थिति डंपिंग ग्राउंड जैसी बन जाती है। इससे न सिर्फ नागरिकों को बड़ी परेशानी होती है बल्कि बदबू के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।
मुख्य हाईवे पर सब्जी मंडी के पास रोज लगता है कूड़े का ढेर, लोगों की सुनवाई नहीं
नागरिकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि डेराबसी शहर सफाई व्यवस्था में बहुत पीछे है और प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा। गंदगी की वजह से डेराबसी देश के शहरों की तुलना में नीचे स्थान रखता है, फिर भी प्रशासन ने सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। कुछ दिन पहले बस स्टैंड पर नगर परिषद अधिकारियों द्वारा मिशन क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत करवाई गई थी; बड़े-बड़े बैनर लगाए गए और हलका विधायक द्वारा उद्घाटन भी कराया गया। बावजूद इसके कई जगहों पर कचरे के ढेर जमे रहते हैं, जो इस अभियान की जमीन पर असफलता को उजागर करते हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि सब्जी मंडी के बाहर लगे कचरे के ढेर से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मिशन क्लीन पंजाब का उद्देश्य शहरों और कस्बों में सफाई प्रबंधन को मजबूत करना, कचरा प्रबंधन में सुधार लाना और अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करना था। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रोजाना फील्ड निरीक्षण अनिवार्य किया गया है, परन्तु वर्तमान में साफ-सफाई की दयनीय स्थिति इस अभियान की वास्तविक तस्वीर बयान कर रही है।
प्रशासन से आग्रह किया है कि केवल बैनर लगाने से काम नहीं चलेगा – रोजाना सफाई और नियमित क्लीन-अप की व्यवस्था करनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि सब्जी मंडी और हाईवे के पास के क्षेत्रों की तुरंत सफाई करवाई जाए और दीर्घकालिक टिकाऊ प्रबंधन योजनाएँ लागू की जाएँ ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को सुनिश्चित किया जा सके।