Summer express, मोनिका रावत, पंचकूला। जिला पंचकूला को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मैदान 2.0’ के तहत पंचकूला पुलिस ने एक माह में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6.30 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस दौरान 22 अलग-अलग मामलों में 34 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। साथ ही, जमानत पर बाहर आए 404 नशा तस्करों की गतिविधियों पर भी पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने प्रेस वार्ता में बताया कि 28 मई से शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं था, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना, नशा पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाना भी था। डीसीपी सृष्टि गुप्ता और डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में विभिन्न थाना, चौकी और क्राइम यूनिट की टीमों ने अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पुलिस ने अभियान के दौरान 2 किलो 787 ग्राम हेरोइन, 11 किलो 757 ग्राम अफीम, 931 ग्राम चरस, 1 किलो 45 ग्राम गांजा और 67 ग्राम कोकीन बरामद की है। सभी मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नशा तस्करी के नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पहले गिरफ्तार होकर जमानत पर बाहर आए 404 नशा तस्करों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उन्हें दोबारा अपराध में शामिल होने से रोका जा सके।
अभियान के तहत जिले में 22 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान की गई। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से 253 स्थानों पर छापेमारी की और 719 संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की। चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 23 सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि 41 खराब सीसीटीवी कैमरों को मरम्मत कर दोबारा चालू किया गया है।
पुलिस ने ऐसे तीन नशा तस्करों की भी पहचान की है, जिन्होंने नशा तस्करी से अवैध संपत्ति अर्जित की है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी संपत्तियों को नियमानुसार फ्रीज या ध्वस्त किया जाएगा।
नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी व्यापक अभियान चलाया गया। एक माह के दौरान 97 नशा पीड़ितों का उपचार शुरू कराया गया, जबकि सात लोगों को नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 117 मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण किया गया।
पुलिस ने बताया कि जिलेभर में 1213 स्थानों पर लगे लगभग 2736 सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों और नशा तस्करों की आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नशा छोड़ने, नशा तस्करी की सूचना देने या सहायता प्राप्त करने के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 तथा ड्रग इंफो हेल्पलाइन 7087081100 और 7087081048 पर संपर्क करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।