बिलासपुर, सुभाष-: विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी में आयोजित होने वाले श्रावण अष्टमी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन और श्री नैना देवी मंदिर न्यास की एक महत्वपूर्ण बैठक मंदिर न्यास के यात्री निवास ‘मातृ शरण’ में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। इस दौरान मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा पंजाब से आए संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि श्रावण अष्टमी मेला प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।उन्होंने बताया कि मेले के सफल संचालन के लिए मंदिर क्षेत्र को इस बार भी नौ सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारी की तैनाती की जाएगी, ताकि कानून व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जा सके। इसके अलावा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) बिलासपुर को मेला अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, एसडीएम स्वारघाट को सहायक मेला अधिकारी और डीएसपी नैना देवी को सहायक पुलिस मेला अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर न्यास द्वारा स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से मंदिर परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भोजन, पेयजल, अस्थायी आवास, शौचालय, चिकित्सा सेवाओं और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद और संबंधित विभागों को पूरे मेला क्षेत्र में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना तैयार की गई है। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि पंजाब-हिमाचल सीमा पर कौलां वाला टोबा के पास ऐसे मालवाहक वाहनों, जिनमें अवैध रूप से सवारियां बैठाई जाती हैं, को हिमाचल सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। वहां से श्रद्धालुओं को केवल बसों और अधिकृत टैक्सियों के माध्यम से नैना देवी बस अड्डे तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे।उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि मंदिर परिसर में कड़ाह प्रसाद और नारियल चढ़ाने पर पहले की तरह पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के माता के दर्शन कर सकें।बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक, मंदिर अकाउंट ऑफिसर मनीष, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता अक्षर सिंह, मंदिर न्यासी प्रदीप शर्मा, नगर परिषद के प्रधान दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष नीना शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वय से इस वर्ष का श्रावण अष्टमी मेला सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जाएगा।