फतेहगढ़। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में अंबाला-लुधियाना रेल मार्ग पर रेल रोको आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर करीब दो घंटे तक रेलवे ट्रैक पर धरना दिया, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर कई यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। आंदोलन को देखते हुए रेलवे और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन उन बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर है, जो उनके अनुसार अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब भी जेलों में बंद हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने और लंबित मामलों का समाधान करने की मांग दोहराई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आंदोलन के कारण अंबाला-लुधियाना सेक्शन पर कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया, जबकि कुछ ट्रेनों का संचालन नियंत्रित गति से कराया गया।
धरना समाप्त होने के बाद ट्रैक को खाली कराकर रेल यातायात सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई। यात्रियों को हुई असुविधा को देखते हुए रेलवे ने परिचालन पर लगातार निगरानी रखी।
कौमी इंसाफ मोर्चा पहले ही घोषणा कर चुका था कि बंदी सिखों की रिहाई के समर्थन में वह चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। इसी क्रम में पहले टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया गया था और उसके बाद रेल रोको कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। धरने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।