समर न्यूज | अमृतसर
श्री हरिमंदिर साहिब में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब विभिन्न जिलों से पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं से मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र (आईडी कार्ड) उतारने के लिए कहा गया। ये श्रद्धालु कथित तौर पर राज्य सरकार के एक कार्यक्रम के तहत अमृतसर पहुंचे थे और उनके गले में मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले कार्ड लटके हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालुओं के श्री हरमंदिर साहिब परिसर में प्रवेश के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि धार्मिक स्थल के भीतर किसी राजनीतिक व्यक्ति की तस्वीर वाले प्रचारात्मक पहचान पत्र या सामग्री पहनकर प्रवेश करना मर्यादा के अनुरूप नहीं है। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कार्ड उतार दिए और सामान्य रूप से माथा टेका।
एसजीपीसी ने दिया मर्यादा का हवाला
एसजीपीसी अधिकारियों का कहना है कि श्री हरमंदिर साहिब की मर्यादा के अनुसार परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रचार या किसी दल अथवा नेता से जुड़ी प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकती। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है और इसका उद्देश्य धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखना है।
दूसरी ओर, इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
विपक्षी दलों ने इसे सरकारी कार्यक्रमों के राजनीतिकरण से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम के दौरान मंदिर परिसर में स्थिति शांतिपूर्ण रही और श्रद्धालुओं ने बिना किसी विवाद के दर्शन किए। अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोषी घोषित किया था।