Summer express, सोनीपत। मानसून के आगमन को पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के जन आंदोलन से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को हरियाणा के 72 गांवों में एक साथ ‘मानसून अभिनंदन उत्सव’ आयोजित किया गया। इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में जल-जागरण, पौधरोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम बढ़खालसा कॉम्प्लेक्स से आयोजित हुआ, जहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी 72 गांवों को एक साथ जोड़ा गया।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि सभी गांवों में एक ही समय पर पौधरोपण किया गया। ग्रामीण अपने खेतों, गांवों और पेड़ों की छांव से ऑनलाइन जुड़कर इस पर्यावरण अभियान का हिस्सा बने। पूरे आयोजन ने सामूहिक जनभागीदारी और तकनीक के बेहतर समन्वय की मिसाल पेश की।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा मुख्य कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना और जल संरक्षण के प्रति समाज में स्थायी जागरूकता पैदा करना रहा।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रत्येक नागरिक से जीवन में कम से कम 20 पौधे लगाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। यदि प्रत्येक नागरिक पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेशभर में लगातार जारी रहेगा और इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। 72 गांवों की एक साथ भागीदारी को सराहनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुड़ना इस बात का संकेत है कि समाज अब पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अमर शहीद दादा कुशाल सिंह दहिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को प्रेरणादायक बताया। साथ ही बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने बताया कि इस अनूठी मुहिम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के 72वें जन्मदिन के अवसर पर 5 जून को की गई थी। उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए अब 72 गांवों को इससे जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान चार प्रमुख उद्देश्यों पर आधारित है— अधिक से अधिक पौधरोपण कर प्राणवायु बढ़ाना, जल संरक्षण और जल संवर्धन को बढ़ावा देना, सुरक्षित एवं स्वस्थ अन्न उत्पादन को प्रोत्साहित करना तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम कर स्वच्छ पर्यावरण तैयार करना। उनका कहना था कि यदि समाज इन चार संकल्पों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायक एम.डी. और बिंदर दनोदा ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया। वहीं लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय ट्री मैन देवेंद्र सूरा की प्रेरणा भी पूरे आयोजन में दिखाई दी। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की।
इस अवसर पर बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीर सिंह दहिया, दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया, दहिया खाप चौबीसी के प्रधान उमेश दहिया, प्रवीण वर्मा, हेमंत नांदल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि, ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।