Summer express, लखनऊ। UP में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव से लेकर मंडल स्तर तक आधुनिक खेल ढांचा विकसित कर रही है, ताकि युवाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल सके। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त समाज की मजबूत नींव भी हैं।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में आधुनिक स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मेरठ में बन रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय अंतिम चरण में है, जबकि हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया खेल उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 65वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम ने 20 पदक जीतकर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में प्रदेश के पांच खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया।
उन्होंने क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, पैरालंपिक खिलाड़ी प्रवीण कुमार, भाला फेंक एथलीट अन्नू रानी, दृष्टिबाधित धाविका सिमरन शर्मा और शतरंज ग्रैंडमास्टर वंतिका अग्रवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के ये खिलाड़ी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के कौशल विकास, आधुनिक प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में भी अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करने की अपील करते हुए कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने ‘खेलोगे तो खिलोगे’ का संदेश दोहराते हुए कहा कि खेलों को जीवनशैली का हिस्सा बनाना विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की दिशा में अहम कदम है।