Summer express, कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा थाना पुलिस पर लगाए गए कुकर्म और मारपीट के आरोप एसआईटी जांच में निराधार पाए गए हैं। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि शिकायतकर्ता द्वारा खुद को कैंसर पीड़ित बताने का दावा भी सही नहीं था। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मंगलवार को एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई। करीब 15 दिनों तक चली जांच में शिकायतकर्ता के सभी प्रमुख आरोपों की अलग-अलग स्तर पर पुष्टि करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी आरोप के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। पीजीआई से सत्यापन कराने पर यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता कैंसर का मरीज नहीं है और उसकी कोई कीमोथेरेपी भी नहीं हुई।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता के स्वैब, कपड़ों और अन्य नमूनों की डीएनए जांच कराई गई, जिसमें कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई। मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पुलिस कर्मचारियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कराया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने स्वयं लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। इससे पहले उसने मेडिकल बोर्ड से चिकित्सीय परीक्षण कराने से भी मना कर दिया था।
एसपी के अनुसार, डॉक्टरों की जांच में शिकायतकर्ता को क्रॉनिक एनल फिशर (गुदा संबंधी बीमारी) से पीड़ित पाया गया, जिसके कारण रक्तस्राव हो रहा था। जांच में इसी को उसकी चिकित्सीय स्थिति का कारण माना गया।
गौरतलब है कि शिकायतकर्ता ने लाडवा थाना पुलिस पर मारपीट, कुकर्म और गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक निर्मल सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपों के घेरे में आए पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया था।
एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक की जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी वैज्ञानिक और चिकित्सीय साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी की गई है।