नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट की ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग-2026 में छठा स्थान प्राप्त किया है। इस सूची में भारतीय वायुसेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स को पीछे छोड़ दिया है, जबकि अमेरिका की यूएस एयर फोर्स लगातार पहले स्थान पर बनी हुई है।
वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट की रैंकिंग केवल विमानों की संख्या पर आधारित नहीं है। इसमें लड़ाकू क्षमता, बेड़े का संतुलन, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक सपोर्ट, विशेष मिशन क्षमता, भविष्य में शामिल होने वाले विमानों और घरेलू एयरोस्पेस उद्योग जैसे कई मानकों को शामिल किया जाता है। इन्हीं मापदंडों के आधार पर भारतीय वायुसेना को चीन से बेहतर आंका गया है। रैंकिंग के अनुसार शीर्ष पांच स्थानों पर क्रमशः यूएस एयर फोर्स, यूएस नेवी, रूसी वायुसेना, यूएस आर्मी एविएशन और यूएस मरीन कॉर्प्स एविएशन हैं। भारतीय वायुसेना छठे स्थान पर है, जबकि चीन की वायुसेना सातवें स्थान पर रही। इसके बाद जापान, इजराइल और फ्रांस की वायुसेनाओं का स्थान है।
{राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस जैसे विमानों का मिश्रण…
विशेषज्ञों के अनुसार भारत की बहु-भूमिका लड़ाकू विमान क्षमता, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस जैसे विमानों का मिश्रण, मजबूत वायु रक्षा प्रणाली और विविध भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन का अनुभव उसकी प्रमुख ताकत हैं। भारत की रणनीतिक स्थिति और परिचालन अनुभव उसे क्षेत्रीय स्तर पर अतिरिक्त बढ़त प्रदान करते हैं। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट की यह रैंकिंग एक स्वतंत्र विश्लेषण है।