Summer express, संजू, शिमला | राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फिलहाल किसी भी परिवार को शिफ्ट करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि भूस्खलन से क्षेत्र में गंभीर नुकसान हुआ है और आसपास के दो से तीन मकान भी इसकी चपेट में आए हैं। मेयर ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार पहाड़ी खिसक रही है। भूस्खलन के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, पानी की पाइपलाइन सहित अन्य सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है और लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम ने इस मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। दो दिन पहले हुई एसयूसी की बैठक में संबंधित निर्माण स्थल का मामला उठाया गया था और निर्माण कार्य पर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया गया था। साथ ही निर्माणकर्ता को सबसे पहले सुरक्षा दीवार लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माणकर्ता ने इसे लिखित रूप में स्वीकार किया है और नगर निगम ने भी डंगा लगाने की अनुमति लिखित रूप से प्रदान कर दी है। मेयर ने कहा कि जब तक सुरक्षा दीवार का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक आगे किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार की कटिंग और निर्माण गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में नगर निगम ने सभी सरकारी विभागों और निजी निर्माण एजेंसियों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानसून के दौरान कहीं भी नियमों का उल्लंघन करते हुए कटिंग या निर्माण कार्य पाया गया तो संबंधित नक्शा रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा ताकि बारिश का पानी सुरक्षित तरीके से निकल सके और मिट्टी के कटाव को रोका जा सके। मेयर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी का कटाव और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाएं प्राकृतिक रूप से भी होती हैं, लेकिन प्रशासन का प्रयास रहेगा कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। मेयर ने यह भी बताया कि नगर निगम ने पहले से ही संवेदनशील पेड़ों और स्थानों की सूची तैयार की है। बरसात के दौरान यदि कोई पेड़ या ढांचा खतरनाक स्थिति में दिखाई देता है तो लोग सीधे एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं, ताकि मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।