Summer express, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने छात्रों और शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि किसी भी जिले में मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्णय संबंधित जिला उपायुक्त (डीसी) स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सरकारी और निजी दोनों तरह के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया जा सकेगा।
राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि यदि किसी जिले में भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक कारणों से शिक्षण संस्थान बंद किए जाते हैं, तो उस अवधि में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी स्कूल या कॉलेज में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
रोहित ठाकुर ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना सभी की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की वर्ष 2025 की घोषणा के अनुरूप प्रदेश के 150 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता प्रदान की जा चुकी है। आगामी 20 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीबीएसई स्कूलों में अब तक करीब 2,500 विद्यार्थियों के नामांकन में कमी दर्ज की गई है, जिसे लेकर भी सरकार विचार कर रही है।
भर्ती प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग में संस्कृत, पंजाबी और अन्य विषयों के 2,500 से 3,000 पदों पर नियुक्तियों की तैयारी चल रही है। इसके अलावा करीब 400 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में कुल 10 से 11 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि अब तक स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग में करीब 8,000 नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जबकि लगभग 3,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। जेबीटी शिक्षकों के करीब 1,800 पदों को भरने की स्वीकृति मिली थी, जिनमें से लगभग 1,200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और शेष 600 पदों पर भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा स्कूलों में विशेष शिक्षकों (स्पेशल एजुकेटर) की नियुक्ति और विस्तारित खेल छात्रावासों के लिए 18 प्रशिक्षकों (कोच) की भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
नई तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विश्वविद्यालय स्थापित करने की संभावनाओं पर भी सरकार विचार कर रही है। फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में आगे की योजना तैयार की जाएगी।