Summer express, मानसा। पंजाब के मानसा जिले के जलवेडा गांव में कर्ज के बोझ और लगातार फसलों के खराब होने से परेशान एक युवा किसान ने खेत में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। मृतक अपने पीछे पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और महज तीन महीने की मासूम बेटी को छोड़ गया है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया।
मृतक की पहचान 26 वर्षीय उत्तम सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अपनी जमीन कम होने के कारण वह ठेके पर खेत लेकर खेती करता था और इसी से पूरे परिवार का गुजारा चलता था। खेती के लिए लिए गए कर्ज और लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया था।
परिवार और ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष उत्तम सिंह को कपास (नरमा) की फसल से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन कीटों के प्रकोप और प्रतिकूल मौसम के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई। इससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद उसने कर्ज लेकर धान की फसल बोई, लेकिन उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। लगातार दो फसलों में नुकसान और बढ़ते कर्ज ने उसकी चिंता और मानसिक दबाव को बढ़ा दिया।
मृतक के चचेरे भाई लखविंदर सिंह ने बताया कि उत्तम सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। तीन महीने पहले ही उसके घर बेटी का जन्म हुआ था और परिवार में खुशियों का माहौल था। लेकिन आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंता ने उसे इतना परेशान कर दिया कि उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना की सूचना मिलने पर थाना बरेटा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी गणेश्वर कुमार ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान संगठनों के प्रतिनिधि पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। किसान संगठनों ने राज्य सरकार से मृतक किसान का कर्ज माफ करने, परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवार को सहारा मिल सके।