तेहरान। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने नया मोड़ ले लिया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान ने क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया, जिसमें एक भारतीय चालक दल सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए। दोनों जहाजों में आग लग गई, जिस पर बाद में काबू पा लिया गया। यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
इसी बीच, ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल हमले करने का दावा किया। जॉर्डन की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली चार बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया। अमेरिका ने इसके जवाब में लगातार तीसरी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर करीब पांच घंटे तक हवाई हमले किए।
तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए ट्रांजिट शुल्क (टोल) वसूलने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर किसी एक देश द्वारा एकतरफा शुल्क लगाना कानूनी रूप से विवादास्पद होगा।
वैश्विक बाजारों पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ताजा घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा तो ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।