Summer express/हमीरपुर, अरविंद-:मानव सेवा और चिकित्सकीय दायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन जिला हमीरपुर के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी एक जरूरतमंद बुजुर्ग के घर पहुँचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने न केवल मरीज की स्थिति का विस्तार से निरीक्षण किया, बल्कि आवश्यक दवाइयाँ भी निःशुल्क उपलब्ध कराईं।
जानकारी के अनुसार ग्राम टिकरी, पंचायत बाग कुलजा, जैसिंहपुर निवासी 73 वर्षीय सुख राम पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। अस्वस्थता के कारण उनके लिए अस्पताल पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने निस्वार्थ भाव सेवा संगठन के माध्यम से सहायता की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया और डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. डोगरा बिना किसी औपचारिकता या विलंब के स्वयं बुजुर्ग के घर पहुंचे ।घर पहुंचकर उन्होंने बुजुर्ग की स्वास्थ्य स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया और तत्काल जरूरत की दवाइयाँ भी उपलब्ध कराईं। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों को भी मरीज की देखभाल और नियमित उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि किसी जरूरतमंद तक पहुँचकर उसकी पीड़ा कम की जा सके, तो यही चिकित्सा सेवा का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए समय और स्थान की कोई सीमा नहीं होती तथा जहाँ भी किसी मरीज को सहायता की आवश्यकता हो, वहां तक पहुंचना चिकित्सकीय नैतिकता का हिस्सा है।डॉ. डोगरा की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने उनके इस कदम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे चिकित्सक समाज में विश्वास और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। लोगों का कहना है कि सेवा भाव से किया गया यह कार्य चिकित्सा पेशे की गरिमा को और ऊंचा उठाने वाला है।