अशवनी पाहवा | लुधियाना
पंजाब में लैंड पूलिंग नीति समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने मंगलवार को एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गैर-राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर किसानों ने लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा सहित प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर धरना देकर वाहनों को बिना टोल टैक्स दिए गुजरने दिया।
इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान एकत्र होने लगे। किसानों ने टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया और कर्मचारियों को टोल वसूली नहीं करने दी। इसके चलते टोल से गुजरने वाले वाहन चालकों को बिना किसी शुल्क के आवागमन की सुविधा मिली।
किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसान नेताओं ने बताया कि उनका मुख्य विरोध पंजाब सरकार की प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस नीति के जरिए किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा जमीन गिरवी रखने, लैंड मॉर्गेज बैंक से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों तथा किसानों के अन्य लंबित मुद्दों पर भी सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो इसका सीधा असर कृषि क्षेत्र और स्थानीय किसानों पर पड़ेगा।
टोल प्लाजा पर बैठकें आयोजित कर विरोध प्रदर्शन किया गया। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के राष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पहले ही घोषणा की थी कि 14 जुलाई को पंजाब के सभी टोल प्लाजा जनता के लिए टोल फ्री किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जमीन पर कब्जा कर उसे कॉर्पोरेट घरानों को सौंपना चाहती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।