चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को पंजाब और हरियाणा को कई परियोजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का उद्घाटन करेंगे और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 75 अन्य रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही वह हरियाणा में देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। अमृतसर (छेहरटा) से वाराणसी के बीच चलने वाली संत रविदास एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे। लंबे समय से रविदासिया समाज इस सीधी रेल सेवा की मांग कर रहा था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम दोआबा क्षेत्र पर विशेष फोकस का संकेत देता है। पंजाब की अनुसूचित जाति आबादी का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में निवास करता है और जालंधर इसका प्रमुख केंद्र है। भाजपा पहले ही 2027 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में विकास योजनाओं के साथ सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की रणनीति भी इस दौरे में दिखाई दे रही है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम में रेल परियोजनाओं के अलावा सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई योजनाओं की भी घोषणा होने की संभावना है।
चंडीगढ़ और जालंधर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम: प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए चंडीगढ़ और जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। वहीं चंडीगढ़ में कार्यक्रम स्थल के आसपास के क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट रहेगा और आम लोगों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। हजारों जवान भी तैनात किए गए हैं।
रविदासिया समाज और विकास एजेंडे पर नजर: संत रविदास एक्सप्रेस को इस दौरे की प्रमुख घोषणाओं में माना जा रहा है। यह रेल सेवा पंजाब और वाराणसी के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगी, जिससे श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुविधा मिलेगी। भाजपा का मानना है कि रेलवे, सड़क और स्वास्थ्य परियोजनाओं के साथ यह दौरा पंजाब में विकास के संदेश को मजबूत करेगा।
वहीं विपक्ष इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास और चुनावी राजनीति, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।