एजेंसी | नई दिल्ली
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन देश के कई हिस्सों में फैल गया है। बिहार में छात्रों ने मार्च निकालकर विरोध जताया, जबकि राजस्थान में वकीलों ने धरना दिया। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी छात्रों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन कर परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। विपक्ष ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
बिहार से हरियाणा तक विरोध
बिहार में छात्रों ने मार्च निकालकर नीट पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन और जुलूस निकाले गए। हरियाणा के रेवाड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। राजस्थान में वकीलों ने धरना देकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है।
सचिन, गिल भी समर्थन में: क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी निराशा समझी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें मेहनत का सम्मान हो और ईमानदारी तथा योग्यता को प्राथमिकता मिले। उन्होंने यह भी कहा कि असफलता स्वीकार्य है, लेकिन नकल या धोखाधड़ी नहीं। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं के प्रति सम्मान जताया और कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा, सपनों और भविष्य को आकार देने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
कैफ ने लाठीचार्ज पर जताई आपत्ति: पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ समेत खेल जगत की कुछ अन्य हस्तियों ने भी छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। कैफ ने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद की जरूरत पर जोर दिया। इस बीच, आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सरकार जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष छात्रों की मांगों को समर्थन दे रहा है।