Summer express/ऊना,राकेश-: जिला ऊना में गगरेट और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले स्वां नदी पर बने लोहारली-चुरूडू पुल को लेकर गुरुवार को राजनीतिक हलचल देखने को मिली। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेश ठाकुर अपने समर्थकों के साथ पुल का निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल के दोनों ओर पुलिस बल तैनात किया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राजेश ठाकुर और उनके समर्थकों ने सड़क पर ही एक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने वाहन की छत पर खड़े होकर समर्थकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में राजेश ठाकुर ने पुल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने वाले लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और त्याग के बिना यह परियोजना पूरी नहीं हो सकती थी। उन्होंने भूमि दाताओं को सम्मानित करते हुए उनके योगदान को क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण बताया।राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि लोहारली-चुरूडू पुल परियोजना को भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृति मिली थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए धन उपलब्ध करवाने और इसे आगे बढ़ाने में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अहम भूमिका रही। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार ऐसे विकास कार्यों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जिनकी आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी थी।पूर्व विधायक ने पुल तक जाने से रोके जाने पर भी सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।