Summer express, ऊना (राकेश शर्मा)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां के जयकारों के बीच दर्शन के लिए लगी कतारें ओल्ड बस स्टैंड तक पहुंच गईं। श्रावण अष्टमी मेले के शुरू होने से पहले ही चिंतपूर्णी में मेले जैसा माहौल नजर आने लगा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से बाजार और मंदिर परिसर में भी काफी चहल-पहल रही।
श्रावण अष्टमी मेले को देखते हुए बाहरी राज्यों के साथ स्थानीय दुकानदार भी चिंतपूर्णी पहुंचने लगे हैं। बाजार में अस्थायी दुकानों और अन्य व्यवस्थाओं को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। इस बार मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से बड़ी संख्या में लंगर लगाने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
मेले के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के धार्मिक झंडे निर्धारित स्थान पर जमा करवाए जाएंगे। वहीं, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को गर्भगृह के अंदर नारियल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चल रही ‘सुगम दर्शन प्रणाली’ में भी मंदिर न्यास ने नियमों को सख्त किया है। अब किसी बाहरी व्यक्ति के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सुगम दर्शन पास नहीं बनवाया जा सकेगा। पास बनवाने के लिए केवल परिवार के सदस्य का आधार कार्ड मान्य होगा। जिस श्रद्धालु के आधार कार्ड का विवरण पास के लिए दर्ज किया जाएगा, उसका दर्शन के निर्धारित स्थान, जैसे लिफ्ट प्वाइंट, पर स्वयं मौजूद रहना अनिवार्य होगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान यदि आधार कार्ड धारक व्यक्ति निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं पाया गया तो संबंधित पास को अमान्य कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में उस परिवार के अन्य सदस्यों को भी सुगम दर्शन की सुविधा नहीं मिल सकेगी। एक आधार कार्ड के आधार पर परिवार के दो, चार या पांच सदस्यों के लिए पास जारी किए जा सकेंगे।
उपायुक्त एवं मंदिर न्यास आयुक्त जतिन लाल तथा एसडीएम एवं सह-आयुक्त पारस अग्रवाल ने कहा कि सुगम दर्शन व्यवस्था में किए गए बदलाव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को परेशान करना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। नई व्यवस्था से फर्जी तरीके से पास बनवाने और बाहरी लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की संभावना को खत्म करने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की है।