Summer express, रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय एजेंसी ने खासतौर पर झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC-CGL) से जुड़े मामले को जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, झारखंड पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) द्वारा दर्ज प्राथमिकी और प्राप्त अन्य शिकायतों के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की गई है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने की तैयारी की जा रही है।
छात्र संगठनों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद छात्र आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं और अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित एवं ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में भी बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब झारखंड CID ने कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों से जुड़े मामले में तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था।
ED की जांच शुरू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में वित्तीय लेनदेन और संभावित धनशोधन के पहलू भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। केंद्रीय एजेंसी CID की प्राथमिकी और अन्य शिकायतों के आधार पर मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। वहीं, छात्रों के आंदोलन और JSSC-CGL की CBI जांच की मांग के बीच अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।