Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में बेसहारा गौवंश की बढ़ती समस्या के स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान को लेकर राज्यस्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक मंगलवार को शिमला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता टास्क फोर्स के वाइस चेयरमैन धर्मपाल चौहान ने की। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. संजीव धीमान सहित टास्क फोर्स के सभी सदस्य मौजूद रहे।बैठक में प्रदेश में बेसहारा गौवंश की मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। सदस्यों ने समस्या के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए अन्य राज्यों में बेसहारा गौवंश के प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे प्रभावी मॉडलों का अध्ययन किया। इन मॉडलों को हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नए गौसदनों और गो-अभयारण्यों के निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा के साथ-साथ वर्तमान में संचालित गौसदनों एवं गो-अभयारण्यों के रखरखाव और बेहतर संचालन को लेकर सुझाव लिए गए। सदस्यों ने मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने तथा गौवंश को सुरक्षित एवं व्यवस्थित आश्रय उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।इसके अलावा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश को नजदीकी गौसदनों अथवा गो-अभयारण्यों में स्थानांतरित करने के लिए एक स्पष्ट निर्देशावली तैयार करने पर भी मंथन किया गया। इस व्यवस्था के तहत संबंधित विभागों और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।वाइस चेयरमैन धर्मपाल चौहान ने अधिकारियों एवं टास्क फोर्स के सदस्यों को बेसहारा गौवंश की समस्या का व्यावहारिक, प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जो भविष्य में भी प्रभावी रूप से लागू की जा सके।बैठक में अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।