summer express , असम। राज्य में कथित अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने के अभियान के तहत असम पुलिस ने गुरुवार सुबह 17 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया। राज्य सरकार के अनुसार, जिन लोगों के पास भारत में प्रवेश के लिए वैध दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमानुसार वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के जरिए कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए कहा, “कागज नहीं, तो प्रवेश नहीं।” उन्होंने असम पुलिस की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में वैध दस्तावेजों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आने वाले लोगों के लिए कोई बाधा नहीं है, लेकिन अवैध तरीके से प्रवेश करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार ने साफ किया है कि बिना आवश्यक कागजात के किसी व्यक्ति को राज्य में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
असम सरकार के अनुसार, अवैध घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ राज्य में प्रवेश के संभावित मार्गों पर निगरानी भी तेज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री पहले भी असम को अवैध घुसपैठ से मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। सरकार का कहना है कि इसी लक्ष्य के तहत पहचान, जांच और प्रवेश नियंत्रण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध लोगों के दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।