समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (पीएसएमएसयू) की कलम छोड़ और कंप्यूटर बंद हड़ताल से राज्य के करीब 45 सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को 21 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है।
इसके बाद 22 और 23 अगस्त को सप्ताहांत होने के कारण नियमित कार्यालयी कामकाज प्रभावित रहेगा। कर्मचारियों ने सरकार से समाधान नहीं निकलने पर 27 अगस्त को महाबंद में शामिल होने का भी एलान किया है। हालिया विरोध में सरकारी कार्यालयों में फाइलों की प्रक्रिया, प्रमाणपत्रों और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ने की सूचना है। पीएसएमएसयू लंबे समय से महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, खाली पद भरने और कर्मचारियों से जुड़े कुछ आदेश वापस लेने की मांग कर रही है।
संगठन का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद प्रमुख मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकला है। अगस्त में शुरू हुए आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने कलम और कंप्यूटर बंद रखकर कामकाज से दूरी बनाई थी।
जनता पर असर: मंत्रालयी कर्मचारी प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके आंदोलन से राजस्व, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जिला प्रशासन से जुड़े कई कार्यालयों में फाइल निपटान और अन्य सेवाओं में देरी हो सकती है।
इससे आम लोगों को प्रमाणपत्र, पंजीकरण और अन्य सरकारी कामों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। कर्मचारी संगठनों ने 27 अगस्त को व्यापक बंद का आह्वान किया है। इससे पहले सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद है। यदि गतिरोध कायम रहता है तो आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है।