Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित गग्गल पंचायत लाइन के करीब 70-80 परिवारों ने उचित मुआवजे, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज उठाई। प्रभावित परिवार प्रधान दामिनी कटोच के नेतृत्व में DC से मिले और लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे परिवारों की स्थिति को देखते हुए न्यायसंगत मुआवजा देने की मांग रखी।प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहीं दामिनी कटोच ने बताया कि पंचायत लाइन में रहने वाले करीब 70-80 परिवार पिछले 60-70 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनमें कई परिवारों को सरकार की ओर से जमीनें भी आवंटित की गई थीं। ऐसे में एयरपोर्ट विस्तार के कारण इन परिवारों के प्रभावित होने की स्थिति में उनके पुनर्वास और मुआवजे को लेकर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
दामिनी कटोच के अनुसार, उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों से पुराने दस्तावेज, जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य जरूरी फाइलें प्रस्तुत करने को कहा है। इन दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखने की बात कही गई है।उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पहले मुख्यमंत्री और शाहपुर विधायक से भी मुलाकात की जा चुकी है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया था कि एयरपोर्ट विस्तार के कारण किसी भी परिवार को असहाय स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।दामिनी कटोच ने कहा कि यदि प्रभावित परिवारों को केवल एक प्रतिशत के हिसाब से मुआवजा दिया जाता है, तो इससे उनका भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर करीब तीन मरले जमीन में तीन से चार परिवार रह रहे हैं। ऐसे में महज कुछ लाख रुपये का मुआवजा मिलने पर इन परिवारों के सामने दोबारा घर और जीवन बसाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो जाएगी।उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत लाइन के प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उचित मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन पैकेज तय किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे एयरपोर्ट विस्तार के बाद उन्हें आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े।दामिनी कटोच ने उम्मीद जताई कि प्रशासन पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद जल्द कार्रवाई करेगा और प्रभावित परिवारों की मांग को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।