Summer express, चंडीगढ़ | हरियाणा के पटवारी और कानूनगो अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर दो दिवसीय सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं। रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 अगस्त तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 26 अगस्त से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। एसोसिएशन ने कहा है कि हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।
एसोसिएशन के राज्य प्रधान जयबीर सिंह चहल और राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नए पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना शामिल है। उनका कहना है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही नए पोर्टल के अनुसार लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में आवश्यक संशोधन कर संशोधित मैनुअल जल्द जारी करने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रक्रिया में भी बदलाव की मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि डीसीएस का काम निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जाए या फिर पटवारियों के कार्यक्षेत्र की सीमा बढ़ाई जाए। उन्होंने फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था हटाने तथा पटवारी के यूजर में एक गांव और कानूनगो के यूजर में दो से अधिक गांव की वेरिफिकेशन नहीं होने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी है। ई-गिरदावरी से जुड़े सरकारी कार्यों का डाटा भी डीसीएस से ही लिए जाने की मांग की गई है।
पटवारियों ने ऑनलाइन सरकारी कामकाज के लिए कंप्यूटर सिस्टम और फील्ड में काम करने के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं कानूनगो को रोवर से पैमाइश के लिए तकनीकी रूप से दक्ष ऑपरेटर उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक प्रशिक्षण देने की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक से जुड़े कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने वर्षों से लंबित कानूनगो और पटवारियों की एलटीसी का भुगतान करने तथा गिरदावरी सहायकों के बकाया मानदेय का एकमुश्त भुगतान करने की मांग की है। इसके अलावा कानूनगो की करीब तीन साल से लंबित इंक्रीमेंट फाइल को पटवारियों की तर्ज पर मंजूरी देने की मांग भी उठाई गई है।
नए पटवारियों का नोटिफिकेशन जारी करने और 1 जनवरी 2025 से लंबित वेतन एरियर का भुगतान करने की मांग भी एसोसिएशन ने सरकार के सामने रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इन मांगों को लेकर कई बार सरकार और विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के पास 25 अगस्त तक उनकी मांगों पर निर्णय लेने का समय है। यदि निर्धारित समय तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 26 अगस्त से पटवारी और कानूनगो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे राजस्व और तहसीलों से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित होने की संभावना है।