Summer express/मंडी,धर्मवीर-:पंडोह डैम में आपात स्थिति के दौरान बढ़ते जलस्तर से निपटने और पंडोह बाजार को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए दो नई टनलों का निर्माण किया जाएगा। बीबीएमबी प्रबंधन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। प्रस्तावित दोनों टनलों की लंबाई करीब 1200-1200 मीटर होगी।इन टनलों का निर्माण पंडोह डैम के जलाशय क्षेत्र से किया जाएगा। टनलें पंडोह बाजार को बाईपास करते हुए आगे जाकर पानी को ब्यास नदी में पहुंचाएंगी। इससे भविष्य में भारी बारिश या फ्लैश फ्लड के दौरान डैम में अत्यधिक पानी जमा होने पर उसे नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा सकेगा।
बीबीएमबी पंडोह के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता चंद्रमणि शर्मा के अनुसार केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने पंडोह डैम के डिजाइन फ्लड की समीक्षा की है। समीक्षा में सामने आया है कि फ्लैश फ्लड की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है, जिसके चलते डैम के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही प्रोबेबल मैक्सिमम फ्लड (पीएमएफ) में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।ऐसी परिस्थितियों में मौजूदा स्पिलवे से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित टनलें डैम से पानी को बाजार क्षेत्र से दूर ले जाकर ब्यास नदी में प्रवाहित करेंगी।वर्तमान में पंडोह डैम एक डायवर्जन डैम के रूप में कार्य करता है। यहां से पानी बग्गी टनल के माध्यम से सुंदरनगर और सलापड़ पहुंचाया जाता है, जहां इससे विद्युत उत्पादन होता है। इसके अलावा बचा हुआ पानी स्पिलवे के जरिए सीधे ब्यास नदी में छोड़ा जाता है। आपात स्थिति में भी पानी की निकासी मुख्य रूप से इसी व्यवस्था से होती है।नई टनलों के निर्माण से न केवल डैम की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पंडोह बाजार और आसपास के क्षेत्रों को भी भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ के संभावित खतरे से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे आपात परिस्थितियों में पानी की निकासी के लिए एक अतिरिक्त और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध होगा।