summer express , आरविंदर सिंह, हमीरपुर। हमीरपुर शहर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गलियों और सड़कों पर झुंड में घूमने वाले कुत्तों के कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। कई बार आवारा कुत्तों के अचानक हमला करने से लोग घायल हो चुके हैं। हाल ही में कुत्तों के काटने से एक व्यक्ति की मौत होने की घटना ने भी समस्या की गंभीरता को उजागर किया है।
शहर के कई इलाकों में दर्जनों की संख्या में आवारा कुत्ते घूमते नजर आते हैं। इनके झुंड के बीच से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्ते कई बार राहगीरों को घेरकर हमला कर देते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को इनके हमले का डर बना रहता है। कुत्तों के काटने के कई मामलों में लोगों को अस्पताल पहुंचकर उपचार करवाना पड़ा है।
लोगों की बढ़ती शिकायतों और समस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई है। निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए दो डॉग कैचर तैनात किए गए हैं। किसी इलाके में हिंसक या लोगों के लिए खतरा बने कुत्ते की सूचना मिलने पर डॉग कैचर मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ेंगे।
इसके साथ ही आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया जाएगा। कुत्तों का वैक्सीनेशन भी किया जाएगा, ताकि उनके कारण लोगों में संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा कम हो सके। निगम का उद्देश्य कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण करने के साथ शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नगर निगम हमीरपुर के कमिश्नर राकेश शर्मा ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी रोकथाम के लिए दो डॉग कैचर तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों के वैक्सीनेशन का काम पशुपालन विभाग के सहयोग से कराया जाएगा। नसबंदी और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के जरिए समस्या को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।