Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज के नडडी स्थित ऐतिहासिक डल झील राधाष्टमी पर्व से पहले नए और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगी। झील के सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों अंतिम चरण में पहुंच गया है। बरसात के कारण निर्माण कार्य में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन अब अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। आगामी 8 से 10 दिनों में शेष कार्य भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।राधाष्टमी के अवसर पर डल झील में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए झील को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। झील के किनारों को बेहतर बनाने के साथ घाट निर्माण का कार्य भी जारी है। वहीं, झील से पानी की निकासी वाले स्थान के पास एक चैंबर का निर्माण किया जाना है। घाट का काम पूरा होने के बाद चैंबर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
रिसाव की समस्या पर पाया काबू
डल झील में लंबे समय से पानी के रिसाव की समस्या बनी हुई थी। इसके चलते झील में पानी ठहर नहीं पाता था और यहां आने वाले पर्यटकों को भी निराशा होती थी। सौंदर्यीकरण योजना के तहत झील की डी-सिल्टिंग करवाने के साथ पानी के रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्य किए गए हैं। अब झील में पानी ठहरने लगा है, जिससे इसकी सुंदरता भी बढ़ी है।झील के किनारों पर जहां जरूरत महसूस हुई, वहां क्रेट लगाए गए हैं। घाट निर्माण के अलावा किनारों को आकर्षक रूप देने का काम भी चल रहा है। झील के पास स्थित प्राचीन बावड़ी के पानी को भी झील तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इससे झील में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।डल झील का सौंदर्यीकरण कार्य बीडीओ कार्यालय धर्मशाला की ओर से करवाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से राधाष्टमी के अवसर पर झील किनारे महाआरती करवाने की योजना भी है। ऐसे में पर्व से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे करने की कोशिश की जा रही है।
राधाष्टमी पर उमड़ता है आस्था का सैलाब
राधाष्टमी पर्व पर डल झील धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाती है। हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर झील में शाही स्नान करते हैं। इसके बाद श्रद्धालु झील के समीप स्थित प्राचीन दुर्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए झील परिसर में सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो साल से चल रहा सौंदर्यीकरण
स्थानीय दुकानदार बादल ने बताया कि डल झील के सौंदर्यीकरण का कार्य करीब दो वर्षों से चल रहा है। पहले पानी के लगातार रिसाव के कारण झील की स्थिति खराब थी। पर्यटक यहां आते थे, लेकिन झील में पानी न होने से उन्हें निराशा होती थी। अब रिसाव की समस्या काफी हद तक दूर होने के बाद झील में पानी ठहरने लगा है। पानी देखकर पर्यटकों में भी उत्साह नजर आ रहा है।
8-10 दिन में पूरा होगा काम
ठेकेदार विनीत धीमान ने बताया कि बारिश के कारण काम में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन अब सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। अगले 8 से 10 दिनों में काम पूरा कर लिया जाएगा। राधाष्टमी तक डल झील को बेहतर स्वरूप देने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पानी की निकासी वाले स्थान पर चैंबर बनाया जाना है और घाट का काम पूरा होने के बाद इस कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा।