Summer express , इंफाल। मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में शुक्रवार देर रात कोंथौजम विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राज्य सरकार के प्रवक्ता सपाम रंजन सिंह के आवास पर बम विस्फोट से हड़कंप मच गया। धमाका करीब रात 1:30 बजे कोंथौजम मयाई लीकाई स्थित विधायक के घर पर हुआ। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन तेज धमाके से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।
विधायक सपाम रंजन सिंह ने बताया कि देर रात अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि घटना से पहले उन्हें किसी तरह की धमकी नहीं मिली थी और न ही उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी है। उन्होंने आवासीय इलाके में इस तरह की घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया।
सिंह ने मणिपुर में बम धमाकों और हिंसा की घटनाओं के पीछे के मकसद पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से आखिर हासिल क्या होता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के इस तरह की हिंसक गतिविधियां आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। विधायक ने कहा कि इस तरह की घटनाओं का कोई रचनात्मक उद्देश्य नहीं हो सकता।
विस्फोट कोंथौजम मयाई लीकाई के घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में हुआ। इससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में विस्फोटक का इस्तेमाल गंभीर खतरा पैदा कर सकता था और यदि धमाका अधिक शक्तिशाली होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह विधायक के आवास पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे जनप्रतिनिधि के घर पर किया गया बर्बर और निंदनीय हमला बताया। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के आवास को निशाना बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है और घटना के जिम्मेदार लोगों को जल्द कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
विस्फोट के विरोध में स्थानीय महिला संगठन मीरा पैबिस ने विधायक के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निंदा करते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का विस्फोट नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
महिला समूह ने मांग की कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना में शामिल लोगों की जल्द पहचान करें और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
बम विस्फोट के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं। फिलहाल विस्फोट में इस्तेमाल किए गए पदार्थ, नुकसान की वास्तविक सीमा, घटना को अंजाम देने वालों और इसके पीछे के मकसद की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।